मेवा की वर्फी (पंजीरी) - Meva Panjiri Recipe

आपको ड्राई फ्रूट पाग रेसिपी, आसानी से मेवा की पंजीरी (व्रत) बनाने की विधि (तरीका) चित्रों के साथ हिंदी में बता रहे है। बचपन से हम देखते आ रहे हैं कि इस दिन भगवान का भोग इसी मेवापाग से लगता है।
मेवा की वर्फी बनाने की सामग्री:-
  • 50 ग्राम खरबूजे की मींग
  • 50 ग्राम मखाने
  • 50 ग्राम गोले (कसा हुआ)
  • 50 ग्राम सूखा हुआ गोंद,
  • 50 ग्राम खसखस
  • 50 ग्राम काजू
  • 50 ग्राम बादाम
  • 1 कप शुद्ध घी
  • 500 ग्राम चीनी
  • डेढ़ कप पानी
मेवा की वर्फी बनाने की विधि:-
  • कढ़ाई में गोले को भूनें और इसे अलग रखें। इसी तरह इसी कढ़ाई में खसखस को भूनें उसे अलग रखें।
  • अब खरबूजे की मींगें लें और उसे भी कढ़ाई में भून कर अलग रख ले।
  • अब कढ़ाई में शुद्ध घी डालें और इसमें बादाम और काजू तल लें।
  • गोंद को दरदरा करें और उसे उसी कढ़ाई में तले (गोंद कचरी की तरह फूल जाएगा)
  • अब इसी कढ़ाई में मखाने डाल कर भूने।
  • अब सारी सामिग्री को मिला कर ठंडा होने रख दे। ठंडा होने के बाद सभी सामिग्री को मिक्सी में दरदरा पीस लें।
चाशनी बनाने के लिए :-
  • एक कड़ाही में चाशनी तैयार करें। इसे चेक करने के लिए एक छोटे चम्मच में चाशनी को निकाल कर उसे ठंडा कर लें और दो उंगलियों के बीच रख कर चिपका कर देखें।
  • अगर उंगलियों के बीच दो तार जैसा बनता है, तो समझ लें कि आपकी चाशनी तैयार है। चाशनी गाढ़ी होनी चाहिए जिसे अगर प्लेट में टपकाया जाये तो वह अंगुली से फैलाने पर जम जाए।
  • एक थाली में घी लगाकर उसको चिकना कर लें।
  • अब तैयारी चाशनी में मिक्स मेवा डालकर अच्छी तरह मिला लें।
  • गर्मागर्म मिश्रण घी लगी थाली में डालकर फैला दें। ऊपर से चमचे की सहायता से दबा दें। ठंडा होने पर मन चाहे आकर में काट कर एयर टाइट डिब्बे में रख लें।
उपयोगी सुझाव:-
  • यह पंजीरी बहुत ही पोस्टिक और स्वास्थवर्धक होती है।
  • सर्दी के मौसम में सामान्यता खानी चाहिए।
  • इस पंजीरी का प्रयोग जच्चा के खाने के लिए भी होता है।
  • एक साफ़ कंटेनर में इसे पंद्रह दिनों तक स्टोर करके रख सकते हैं।
  • मेवा की पंजीरी ब्रत में खाई जाती है।