भट्ट की चुड़कानी - Pahari Bhatt Churdkani Recipe

उत्तरांचल में पाई जाने बाली भट्ट एक फली है, जिसकी सब्जी प्रायः हर घर में बनाई जाती है।
हम आपको पहाड़ी भट्ट की चुड़कानी (Bhatt Churdkani Recipe) बनाने की विधि (रेसिपी) हिंदी में चित्रों के साथ स्टेप बाई स्टेप बता रहे हैं। पहाड़ी भट्ट की चुड़कानी बनाने के लिए निम्न सामिग्री की आवश्य्कता होती है। जितनी खुबसूरत उत्तरांचल की पहाड़ियाँ है उतना ही स्वादिष्ट होता है पहाड़ी खाना। भट को ब्लैक बीन भी कहते हैं। पहाड़ी भट्ट की चुड़कानी बनाने के लिए इस आसान रेसिपी को फॉलो करें .....
बनाने की सामग्री :-
  • 1 कप भट्ट (Black Bean)
  • 1 प्याज (बारीक कटा हुआ)
  • 1/2 चम्मच साबुत जीरा
  • 1/4 चम्मच हल्दी( पाउडर)
  • 1 चम्मच धनिया( पाउडर)
  • 1 चम्मच जीरा( पाउडर)
  • 1/2 चम्मच मिर्ची( पाउडर)
  • 2 बड़ी चम्मच चावल का आटा
  • 2 बड़ी चम्मच सरसों का तेल
  • नमक स्वाद अनुसार
  • पानी आवश्य्कतानुसार
बनाने की विधि :-
  • सबसे पहले आप भट्ट को एक रात के लिये पानी में भीगा कर रख दें।
  • अब आप भट्ट को बनाने के लिये, कडा़ही में तेल गर्म करें, तेल गर्म होने पर इसमें साबूत जीरा डालकर भूने।
  • जीरा जब हल्का भूरे रंग का दिखने लगे तो इसमें अब कटा हुआ प्याज डाल दें। आप प्याज को हल्का गुलाबी होने तक फ्राई करें।
  • अब अगर आप तेज चटपटा स्वाद चाहते हैं तो, साबूत मिर्ची को डाल कर हल्का फ्राई कर लें।
  • इसके बाद आप भीगे हुए भट्ट को कड़ाही में डाल लें, सिर्फ भट्ट डालें पानी को रहने दें। कुछ देर के फ्राई कर लें।
  • अब आप एक दूसरे पेन में चावल का आटा अच्छी तरह से फ्राई कर लें, जब ये अच्छे से भुन जाये तो इसे कड़ाही में डाल दें।
  • अब कड़ाही में आप हल्दी, जीरा, धनिया मिर्ची पाउडर और नमक मिला दें, कुछ सैकंड के लिये भुन लें।
  • अंत में इसमें पानी मिला लें और तेज आँच में ढककर पकायें ।
  • भट्ट तब तक पकायें जब तक भट्ट मुलायम नही हो जाते और करी थोड़ा गाड़ी नही हो जाती (भट्ट पकने में लगभग 25-30 मिनट लगते हैं)।
  • पकने पर भट्ट की चुड़कानी का रंग गहरा हरा लिये हुए काला (काइया) हो जाता है।
  • आपकी स्वादिस्ट भट्ट की चुड़कानी तैयार हो गयी है.. बस अब इसको सर्विंग बॉल में निकालें और चावल (भात) के साथ गरम- गरम सर्व करें।
उपयोगी सुझाव:-
  • अगर समय पर चावलों का आटा उपलब्ध नहीं है तब चावल को अच्छी तरह पीस के भी ट्राई कर सकते हैं।
  • अगर आप सरसों का तेल पसंद नहीं करते हैं तब इसकी जगह आप रिफाइंड तेल का उपयोग कर सकते हैं।
  • भट्ट की कुराकानी को आप दो दिनों तक स्टोर करके खा सकते हैं।